Centre For research in ayurveda and social medicine for international brotherhood

“The NGO was established in 1992.”

The registration number of the organization is: 6812/4, Vol. 2514/77-87 (18-09-1992). The organization is active in PAN India with its Administrative office in Central Delhi (India), First Registration Details : Unique Id of VO/NGO : DL/2011/0043138 Registered With : Sub-Registrar Delhi Type of NGO :
Trust Registration No : 6812/4, Vol. 2514/77-87 City of Registration : Delhi State of Registration : Delhi Date of Registration : 18-09-1992

संस्था ट्रस्टी

संस्थापक संस्था ट्रस्टी

संस्थापक अध्यक्ष : डॉ.स्वामी राघवानंद गिरी आयुर्वेदाचार्य , सामाजिक सेवा

संस्था ट्रस्टी

उपाध्यक्ष : प्रो रामप्रसाद जोशी पर्यावरण सुरक्षा सेवा

संस्था ट्रस्टी

संस्था सचिव : एडवोकेट इंद्रीश चंद्र सामाजिक सलाहकार

मानवता के लिए हर मानव की स्वास्थ्य सेवा ही सनातन सेवा होगी देशभर के 540 जिलों में जिलेवार 25=13500 गौशालाओं में रोग प्रतिरोधक चिकित्सालय स्थापित करने की योजना है ! इस परियोजना से लाखों लोग स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं तथा लगभग 1,50,000 युवाओं को स्थाई रोजगार मिल सकता है !

CRASMIB की कृण्वन्तो विश्वायुर्वेदम आयुर्वेदीय परियोजना के तहत स्वस्थ जीवन की मंगलमय मनोकामना के साथ अपने परिवार जनों को निरामय-सुखायु जीवन जीने के लिए आयुर्वेद स्वस्थवृत प्रशिक्षण से जुड़ी हुई कुछ व्यवस्थाओं व चिकित्सा को मनुष्य जीवन की समस्याओं-कठिनाइयों के निराकरण को लेकर के चिंतन-मनन के बाद जटिलतम (Improbable) समस्याओं का समाधान लेकर आप लोगों को अपने प्रोग्राम्स और सतर्कता अभियान के तहत क्रमशः आप लोगों के बीच अपने विचार और औषधि को प्रेषित करने की आज्ञा और अनुमति चाहता हूं !

CRASMIB की कृण्वन्तो विश्वायुर्वेदम आयुर्वेदीय परियोजना के तहत स्वस्थ जीवन की मंगलमय मनोकामना के साथ अपने परिवार जनों को निरामय-सुखायु जीवन जीने के लिए आयुर्वेद स्वस्थवृत प्रशिक्षण से जुड़ी हुई कुछ व्यवस्थाओं व चिकित्सा को मनुष्य जीवन की समस्याओं-कठिनाइयों के निराकरण को लेकर के चिंतन-मनन के बाद जटिलतम (Improbable) समस्याओं का समाधान लेकर आप लोगों को अपने प्रोग्राम्स और सतर्कता अभियान के तहत क्रमशः आप लोगों के बीच अपने विचार और औषधि को प्रेषित करने की आज्ञा और अनुमति चाहता हूं । नवाचरण मार्ग द्वारा आज की समस्या बढ़ती बेरोजगारी और बीमारी, दोनों को अपने बीच से MINI DOCTOR प्रशिक्षण कार्यक्रम में निकालने के लिए आयुर्वेद स्वस्थवृत अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहता हूं । गैस, एसिडिटी, मोटापा, थायराइड, शुगर, बीपी, कैंसर, जैसे असाध्य रोगों को आयुर्वेद से बड़ी आसानी से खत्म किया जा सकता है । ऐसे में हमारे इंटरनेशनल मार्केटिंग कारपोरेशन द्वारा हमारे बीच कुछ यूनिक प्रोडक्ट हमें CRASMIB अनुसंधान संस्थान के अमृत रूपी घट में निकले है ।

Doctors in Crasmib Rog Pradhirodhak Chikitsalaya Dr. Jitendra Singh , BAMS, MD - Ayurveda Medicine 40 Years Experience overall Ayush Ayurveda

इसको हम चातक रूपी श्रद्धालुओं के बीच प्रस्तुत करना चाहते हैं।

“Note :- कैंसर कोई खतरनाक बीमारी नहीं है लापरवाही के अलावा कैंसर से किसी की मौत नहीं होनी चाहिए।”

पहला कदम चीनी का सेवन बंद करना है। आपके शरीर में चीनी के बिना, कैंसर कोशिकाएं स्वाभाविक रूप से मर जाती हैं।
दूसरा कदम यह है कि एक कप गर्म पानी में नींबू का रस मिलाएं और इसे सुबह भोजन से पहले 1-3 महीने तक पिएं और कैंसर खत्म हो जाएगा। मैरीलैंड मेडिकल रिसर्च के अनुसार, गर्म नींबू पानी कीमोथेरेपी से 1000 गुना बेहतर, मजबूत और सुरक्षित है।
तीसरा कदम है सुबह और रात को 3 बड़े चम्मच ऑर्गेनिक नारियल तेल पिएं, कैंसर गायब हो जाएगा, आप चीनी से परहेज सहित अन्य दो उपचारों में से कोई भी चुन सकते हैं। अज्ञानता एक बहाना नहीं है। अपने आस-पास के सभी लोगों को बताएं, कैंसर से मरना किसी के लिए भी अपमान है; जीवन बचाने के लिए व्यापक रूप से हमें साझा करें।

कैंसर कोई खतरनाक बीमारी नहीं है

आइये हमारे साथ हम सब मिलकर विश्व को कैंसर मुक्त बनायें!!

हमारी महत्वपूर्ण परियोजनायें

औषधीय सहायता संबंधी विदाउट ओ नीति-कृषि का नया स्वरूप?
रोगों के प्रबंधन की लागत: विभिन्न उपचारों का तुलनात्मक अध्ययन करना।
वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य पैटर्न के आयुर्वेद केंद्र (ACHPAM) की स्थापना करना ।
सभी जिलों में ROPPK-NESTA-गुरुकुल-गौशाला कुटीर उद्योग के माध्यम से स्वरोजगार।
औषधीय पौधों की खेती और आयुर्वेद औषधियों की तैयारी में उनके उपयोग के साथ पर्यावरण सुरक्षा के लिए बांस की खेती को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण परियोजनायें हैं। इस परियोजना में विस्तार के लिए लाखों युवा योगदान दे सकते हैं

इस परियोजना में विस्तार के लिए लाखों युवा योगदान दे सकते हैं

क्षेत्र/प्रमुख मुद्दे:

पशुपालन, डेयरी और वृद्ध/बुजुर्ग, कृषि, कला और संस्कृति, जैव प्रौद्योगिकी, बच्चे, नागरिक मुद्दे, दिव्यांगजन, आपदा प्रबंधन, दलित उत्थान, पेयजल, शिक्षा और साक्षरता, पर्यावरण और वन, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, एचआईवी/एड्स, आवास, मानवाधिकार, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, कानूनी जागरूकता और सहायता, श्रम और रोजगार, भूमि संसाधन, सूक्ष्म वित्त (एसएचजी), अल्पसंख्यक मुद्दे, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम……

परिचालन क्षेत्र-राज्य:

अंडमान और निकोबार द्वीप, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, उड़ीसा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल